Wednesday, July 14, 2010

सखी सैयां तो खूब ही कमात हैं महंगाई डायन खाए जात है

15 comments:

रंजन said...

mast

sandhyagupta said...

Ab to is geet par bhi rzneeti shuru ho gayi.

दीपक 'मशाल' said...

ये बुन्देलखंडी गीत पूरा सुनाने के लिए आपका आभार..

दीपक 'मशाल' said...
This comment has been removed by the author.
Udan Tashtari said...

बहुत आभार गीत सुनाने का.

शिवम् मिश्रा said...

एक बेहद उम्दा पोस्ट के लिए आपको बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं !
आपकी चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है यहां भी आएं

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

पहली बार पूरा गीत सुनने को मिला, आभार।
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पॉल बाबा की जादुई शक्ति के राज़।
सावधान, आपकी प्रोफाइल आपके कमेंट्स खा रही है।

ASHOK LAV said...

thanks Ranjan jee !

ASHOK LAV said...

thanks sandhyagupta ji!

ASHOK LAV said...

दीपक 'मशाल'ji yah samsmyik geet vyavstha par teekha vyangya hai !

ASHOK LAV said...

Thanks Udan Tashtari!

ASHOK LAV said...

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’thanks !

ASHOK LAV said...

शिवम् मिश्रा ji dhanyavaad!

ASHOK LAV said...

sandhyagupta ji, rajneta soonghte rahte hain aur turant sab jhapat lena chahte hain.

Ashoke Mehta said...

इस मजेदार गाने को पोस्ट करने के लिए आपका बहुत धन्यवाद !!