Tuesday, November 15, 2011

निंदा करने वाले चांडाल होते हैं / चाणक्य

पक्षिणाम काक चांडाल: पशुनाम चैव कुक्कुरः
मुनीनाम कोप चांडाल:, सर्वेषा चैव निंदक : । ।

पक्षियों में कौवा चांडाल होता है
पशुओं में कुत्ता चांडाल होता है
मुनियों में क्रोध करने वाले चांडाल होते हैं
सबकी निंदा करने वाले भी चांडाल होते हैं
--पुस्तक : चाणक्य नीति , पृष्ठ-४०
संपादक -अशोक लव

1 comment:

buntybali said...

आज के सभ्य समाज मे ऐसे लोग दिखते नहीं || :( :(
परन्तु पहचाने जाते हैं ||:) :)