Wednesday, February 4, 2009

प्रसिद्ध मंगला - माई मन्दिर का मोहयालों के लिए तीर्थ-यात्रा करने -सा महत्त्व था। यह मन्दिर कोटला दत्तां (जिला-झेलम ) से लगभग १४ मील झेलम-मीरपुर रोड पर स्थित था। यह मन्दिर माता वैष्णो देवी के समान प्रसिद्ध और पावन था
श्री नरिंदर कुमार वैद (लुधियाना ) के अनुसार उनके पिता विभाजन के बाद इसी गाँव से भारत आए थे। उन्होंने बताया था कि इस मन्दिर में उनके परिवार के बच्चों के और अन्य मोहयालों के बच्चों के मुंडन हुआ करते थे।
पाकिस्तान सरकार ने झेलम नदी पर बाँध बना दिया है। सारा मीरपुर गाँव तथा यह मन्दिर बाँध के जल में डूब गया है।
मीरपुर शहर नए स्थान पर बसा दिया गया है पर यह मन्दिर डूब गया है।
फोटोग्राफ्स में सारा दृश्य सामने है।
*श्री नरिंदर कुमार वैद ,


MEHTA AK said...


Anonymous said...

It's a great shame that all our ancient heritage is being trampled on by the Pakistani Governmant! They could've saved, if not looked after, all the ancient sites including the temples and earned a lot from world tourism,but they are too short sighted for such foresight! I was having a look at 'Hinglaaj Mata' Mandir, which is one of the nine devi temples in the northern part of India, and sadly that too is in a very pitiable state! The plight of 'Taxila' which also sadly is in Pakistan is unbearable. This kind of behaviour on the part if the Pakistani Govt is certainly inhumane! They haven't yet realised that the world is judging them on these grounds.