Wednesday, January 13, 2010
युग पुरुष : भाई मति दास जी छिब्बर जन्म-दिवस
वीर-सपूतों में भाई मति दास जी छिब्बर का नाम बड़े आदर से लिया जाता है.
कहते है जब जब धर्म की हानि होती है,अत्याचार पूर्ण दुनिया शतशः रूप
धारण करती हुई दिख पड़ती है,मानव समाज समय-समय पर ध्वस्त होने के कारण उसे
एक नयी दिशा की जरुरत होती है तब धर्म की रक्षा के लिए महापुरुष अवतरित
होते है. भाई मति दास जी ऐसे ही महापुरुषों में से एक थे।
13 जनवरी (लोहड़ी के पावन दिन) भल्ला करियाला,तहसील चकवाल में कबूलदास
जी के घर जन्म लेने वाले इस बालक ने कुर्बानी की ऐसी दास्ताँ लिख दी कि
जिससे कि मोहयाल बिरादरी का सिर हमेशा गर्व से ऊंचा रहेगा। वैसे भी कहा
जाता है कि जिस समाज में बलिदानी पुरुष पैदा होते हैं वो समाज व हर
क्षेत्र में अगरनी रहती है। भाई मति दास जी को गिरफ्तार कर के जब दिल्ली
लाया गया तो उनके समक्ष दो प्रस्ताव रखे गए- पहला, अपने धर्म को छोड़ कर
इस्लाम कबूल ले तथा वैभव पूर्ण जीवन व्यतीत करे. दूसरा, यातना पूर्वक
मृत्यु के लिए तैयार हो जाए.भाई मति दास जी ने विधर्म न कबूलते हुए हँसते
हँसते मृत्यु को स्वीकारा।
इस महापुरुष का जन्मोत्सव पिछले तीन वर्षों से मनाने के लिए तथा विचार घोष्टी के आयोजन के लिए सहारनपुर के श्री रवि बक्शी जी(पत्रकार)कोटि-कोटि धन्यवाद व बधाई के हकदार हैं।
नरिंदर छिब्बर
पानीपत
Tuesday, January 12, 2010
ਲੋਹੜੀ ਅਵਸਰ ਦੀਆਂ ਤਹਿ ਦਿਲੋਂ ਵਧਾਈਆਂ ਜੀ
"ਈਸਰ ਆ ਦਲਿੱਦਰ ਜਾ,
ਦਲਿੱਦਰ ਦੀ ਜੜ੍ਹ ਚੁੱਲ੍ਹੇ ਪਾ"
ਦੁਨੀਆਂ ਚ’ ਵਸਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਹੀ ਹਿੰਦੋਸਤਾਨੀਆਂ-ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੂੰ ਅੱਜ ਦੇ ਇਸ ਲੋਹੜੀ ਅਵਸਰ ਦੀਆਂ ਤਹਿ ਦਿਲੋਂ ਵਧਾਈਆਂ ਜੀ ...
ਆਓ ਅੱਜ ਦੇ ਦਿਨ ਆਪਾਂ ਸਾਰੇ ਰਲ੍ਹ ਕੇ ਆਪਣੇ ਅੰਦਰ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਹੀ ਜਾਤ-ਪਾਤ,ਝੂਠ-ਕੂੜ,ਵੈਰ-ਵਿਰੋਧ ਆਦਿ ਕੁਰੀਤੀਆਂ ਨੂੰ ਲੋਹੜੀ ਦੀ ਭਖਦੀ ਧੂਣੀ/ਅੱਗ ਵਿੱਚ ਬਾਲ੍ਹ ਕੇ ਇੱਕ ਨਿਰਪੱਖ ਆਸ਼ਾਵਾਦੀ ਜਮੀਰ ਅਤੇ ਸਾਫ-ਸੁਥਰੇ ਵਾਤਾਵਰਣ ਦੀ ਸਿਰਜਣਾਂ ਵੱਲ ਆਪਣਾਂ ਕਦਮ ਪੁੱਟੀਏ ... ||
खोया मोबाइल इस तरह मिल जाएगा :Track Your Lost Mobile Phone

Each mobile carries a unique IMEI i.e International Mobile Identity
No. which can be used to track your mobile anywhere in the world.
This is how it works!!!!!!
1. Dial *#06# from your mobile.
2. Your mobile shows a unique 15 digit.
3. Note down this no anywhere but except your mobile as this is the number which will help trace your mobile in case of a theft.
4. Once stolen you just have to mail this 15 digit IMEI no. to cop@vsnl.net
5. Your Mobile will be traced within next 24 hrs via a complex system of GPRS and internet.
6. You will find where your hand set is being operated even in case your number is being changed.
.
Monday, January 11, 2010
मोहयाल सभा देहरादून मिलन

Friday, January 8, 2010
राजीव शाह : अमरीका की अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी, के अमरीकी विदेश सहायता कार्यालय के प्रमुख
![]() |
अमरीकी विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन आज शाह को वाशिंगटन में उनके पद की शपथ दिलायेगीं.
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ३६ वर्षीय डाक्टर को इस पद के लिए नामांकित किया था और अमरीकी सेनेट ने पिछले महीने इस नामांकन को अपना अनुमोदन प्रदान कर दिया था.
श्री शाह इससे पहले बिल एंड मेलिंडा गेट्स फ़ाउन्डेशन में कृषि विकास के डायरेक्टर के पद पर अपनी सेवायें प्रदान कर चुके हैं और बाद में वह अमरीकी कृषी विभाग के चोटी के पद पर थे.
श्री शाह आठ हज़ार कर्मचारियों के स्टाफ की निगरानी करेंगे और यूएसऐआई डी को सुद्दढ़ बनाने की -ज़िम्मेवारी निभायेगें. ये ऐजेन्सी पूरे विशव में विकास योजनाओं के लिये लगभग २० अरब डालर की सहायता उपलब्ध कराती है।
Thursday, January 7, 2010
कुम्भ का महत्त्व और हरिद्वार में स्नान
इस महापर्व में देश के कोने-कोने से असंख्य धर्मपरायण श्रद्धालुगण, संत-महात्मा और धर्मगुरु भाग लेते है। कुंभ के आयोजन की पृष्ठभूमि में एक धार्मिक कथा है, जिसमें देवताओं और दानवों द्वारा समुद्र-मंथन करके अमृत प्राप्त करने का प्रसंग आता है।
[समुद्र-मंथन:] स्कंदपुराण के अनुसार,
अमृत-प्राप्ति के उद्देश्य से देवताओं और दैत्यों ने मिलकर मंदराचल पर्वत को मथानी और नागराज वासुकि को रस्सी बनाकर समुद्र-मंथन किया। इससे चौदह महारत्न निकले। धन्वंतरि अमृत से भरे कुंभ लेकर समुद्र से निकले। देवताओं के संकेत पर देवराज इंद्र के पुत्र जयंत उस अमृतकुंभ को लेकर भागे। दैत्यगुरु शुक्राचार्य के आदेश पर दैत्यों ने उस कुंभ को छीनने के लिए जयंत का पीछा किया। इसे देखकर अमृतकलश की रक्षा के लिए देवगण भी दौड़ पड़े। अमृत की प्राप्ति के लिए देवों और दैत्यों में बारह दिव्य दिन (मनुष्यों के 12 वर्ष) तक भयंकर युद्ध हुआ। दोनों दलों के संघर्ष के दौरान कुंभ से अमृत की बूंदें चार स्थानो-प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक पर गिरीं। मान्यता है कि इसीलिए हर 12 साल में इन चारों स्थानों पर कुंभ पर्व आयोजित होता है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने मोहिनी अवतार लेकर अमृत को देवताओं में बांट दिया, लेकिन एक दैत्य देव-रूप धारण करके देवताओं की पंक्ति में बैठकर अमृत पीने में सफल हो गया। कहते हैं कि श्रीहरि ने अपने सुदर्शन चक्र से उसका मस्तक काट दिया, लेकिन अमर हो जाने के कारण उस दैत्य का मस्तक 'राहु' तथा धड़ 'केतु' के नाम से अस्तित्व में आ गया। अमृत-कुंभ की रक्षा में सूर्य, बृहस्पति और चंद्रमा ने विशेष सहायता की थी। इसी कारण सूर्य, बृहस्पति और चंद्र- इन तीन ग्रहों के विशिष्ट संयोग में ही 'कुंभ' महापर्व मनाया जाता है।
[हरिद्वार में पूर्णकुंभ:] हरिद्वार में पूर्णकुंभ का योग मेष राशि में सूर्य और कुंभ राशि में बृहस्पति की उपस्थिति से बनता है- पद्मिनीनायके मेषे कुम्भराशिगते गुरौ। गंगाद्वारे भवेद् योग: कुम्भनामा तदोत्तम:॥
मान्यता है कि ऐसी अति विशिष्ट ग्रह-स्थिति से बने 'कुंभ' योग में हरिद्वार (गंगाद्वार) में गंगा में स्नान करने वाला पुनर्जन्म नहीं लेता।
वृंदावन में कुंभ (बैठक) : प्राचीनकाल से प्रचलित परंपरा के अनुसार, श्रीधाम वृंदावन में हरिद्वार के कुंभ से पूर्व वैष्णवों की बैठक पर आयोजित कुंभ-मेला वसंत पंचमी (20 जनवरी) से फाल्गुनी पूर्णिमा (28 फरवरी ) तक रहेगा। इसमें प्रथम स्नान- 20 जनवरी (बसंत पंचमी), द्वितीय स्नान- 30 जनवरी (माघी पूर्णिमा) और तृतीय स्नान- 13 फरवरी (फाल्गुनी अमावस्या) को होगा। कुछ विद्वानों के मतानुसार, भैमी एकादशी, फाल्गुन कृष्णा एकादशी, महाशिवरात्रि और (फाल्गुन शुक्ल एकादशी) को भी स्नान महापुण्यदायक रहेगा।
[आध्यात्मिक लाभ:] कुंभ-स्नान के माहात्म्य का गुणगान करते हुए एक श्लोक में कहा गया है-
अश्वमेधसहस्त्राणि वाजपेयशतानि च। लक्षं प्रदक्षिणा भूमे: कुंभस्नाने तत्फलम्॥
'एक हजार अश्वमेध यज्ञ, सौ वाजपेय यज्ञ और एक लाख बार पृथ्वी की परिक्रमा करने से जो फल मिलता है, वही फल कुंभ-स्नान से प्राप्त हो जाता है।' हरिद्वार में पूर्णकुंभ का योग 12 वर्षो के लंबे अंतराल के बाद बनता है। इसलिए हमें इस महापर्व से अध्यात्मिक लाभ अवश्य लेना चाहिए। लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस पर्व में साधु-संन्यासी और गृहस्थ मिल-जुल कर भाग लेते है।
अमृत पाने की चाह उन्हे कुंभ में ले आती है। ऐसी धारणा है कि कुंभ के पर्वकाल में अमृत पृथ्वी पर आता है। वास्तव में, कुंभ स्नान-दान का महापर्व है, जो हमें सांसारिक बंधनों से मुक्ति दिलाकर सद्गति प्रदान करता है। भारतीय संस्कृति को संपूर्ण विश्व के समक्ष उजागर करने वाला महाकुंभ अध्यात्म के अमृत में डुबकी लगवाकर भव-बंधन से मुक्ति देता है। आत्मोन्नति के ऐसे सुअवसर को हमें हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।
[मुख्य स्नान]
14 जनवरी- मकर संक्रांति
15 जनवरी- मौनी अमावस्या, सूर्यग्रहण
20 जनवरी- बसंत पंचमी
30 जनवरी- माघी पूर्णिमा
12 फरवरी- महाशिवरात्रि- शाही स्नान
15 मार्च-सोमवती अमावस्या-शाही स्नान
16 मार्च- नवसंवतारंभ
24 मार्च- श्रीरामनवमी
30 मार्च- चैत्र पूर्णिमा
[वैष्णव अखाड़ों का स्नान]
14 अप्रैल- मेष संक्रांति- शाही स्नान, पूर्णकुंभ योग
28 अप्रैल- पुरुषोत्तमी वैशाख पूर्णिमा
रुको और अपने बारे में सोचो : We wish for PEACE
Our soul knows why we are here, the noise of daily life may disturb the voice of our soul - and we forget, what we already know. To reconnect with soul lanquage, we need a moment of stillness
To be still is important for our inner peace of mind. When we create this inner space of stillness, creativity is born and we see more clearly our own potentials for bringing peace to the world.
Take a moment to celebrate your inner stillness today.
कॉलेस्ट्रॉल पर कंट्रोल करने में भला
आयुर्वेद के मुताबिक , खून में मौजूद चर्बी को कॉलेस्ट्रॉल कहते हैं। यह शरीर की सप्त धातुओं में से एक मेद का ही हिस्सा है। खाने में ज्यादा चिकनाई का इस्तेमाल करने वालों , एक्सरसाइज न करने वालों और ज्यादा तनाव में रहने वालों में कॉलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है।
हम जो खाना खाते हैं , उससे हमारे शरीर को कॉलेस्ट्रॉल मिलता है। जिन लोगों के खाने में कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है या जिनकी ज्यादा कॉलेस्ट्रॉल की फैमिली हिस्ट्री होती है , उनका लीवर कॉलेस्ट्रॉल ज्यादा बनाता है। बाकी लोगों में इसकी मात्रा सामान्य ही रहती है। शरीर की कोशिकाओं को अपना काम करने के अलावा शरीर में शरीर में विटामिन डी , हॉर्मोंस और पाचक रसों को बनाने में इसकी जरूरत पड़ती है। कुछ स्टडीज में देखा गया है कि भारत में हर 500 में से एक व्यक्ति में कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा पाई जाती है। बढ़ता कॉलेस्ट्रॉल चुपचाप अंदर - ही - अंदर वार करता है इसलिए आम आदमी को पता नहीं चलता कि यह बढ़ रहा है। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराने से पता चलता है कि कॉलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है या नहीं।
कॉलेस्ट्रॉल शरीर में मौजूद फैट या वसा का ही एक हिस्सा होता है। शरीर में मौजूद यह फैट ए , डी , ई और के जैसे कुछ विटामिंस को पचाने का काम करने के अलावा भोजन को स्वाद प्रदान करता है। यही फैट नर्व्स टिश्यूज की झिल्लियों की अंदरूनी मरम्मत के लिए भी जरूरी है।
एलडीएल ( लोडेंसिटी लाइपो प्रोटीन ) : इसे बैड कॉलेस्ट्रॉल कहते हैं। यह दिल की आर्टरीज में ब्लॉकेज या रुकावट पैदा करता है। दिल की तमाम बीमारियों का कारण होता है। घी , तेल और मक्खन लेने से यह बढ़ता है।
एचडीएल ( हाईडेंसिटी लाइपो प्रोटीन ) : इसे गुड कॉलेस्ट्रॉल कहते हैं। यह बेड कॉलेस्ट्रॉल को हटाता है , सेहत को सुधारता है और उम्र बढ़ाने में मददगार है। शरीर को एचडीएल ज्यादा चाहिए और एलडीएल कम। एलडीएल चोर है और एचडीएल पुलिस। पुलिस ज्यादा होनी चाहिए और चोर कम , नहीं तो शरीर को नुकसान हो सकता है। बादाम का सेवन व एक्सरसाइज करने से एचडीएल बढ़ता है। ऐसा भी देखा गया है कि देगी मिर्च और कम मात्रा में अल्कोहल लेने से भी एचडीएल बढ़ता है।
वीएलडीएल ( वेरी लो डेंसिटी लाइपो प्रोटीन ) : इसे वेरी बैड कॉलेस्ट्रॉल कहते हैं। इसके अलावा , ट्राइग्लिसराइड व टोटल कॉलेस्ट्रॉल भी होते है। ट्राइग्लिसराइड वीएलडीएल से निकलता है। ट्राइग्लिसराइड एक हजार एमजी से ऊपर होने पर ही नुकसान करता है। यह चीनी , चावल और मैदा लेने से बढ़ जाता है।
कॉलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजहें
*खाने - पीने में बदपरहेजी। कई बार शरीर में खुद ही ज्यादा कॉलेस्ट्रॉल पैदा करने की टेंडेंसी होती है।
*शुगर या डायबीटीज हो , थायरॉयड ग्लैंड्स कम काम करें , हाइपरटेंशन या हाई बीपी हो तो भी कॉलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है।
*शराब - सिगरेट का सेवन करने वाले और ओवरवेट लोगों में कॉलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है।
*कुछ दवाओं की वजह से भी कॉलेस्ट्रॉल बढ़ता है। ये हैं : नॉन सिलेक्टिव बीटा ब्लॉकर दवाएं और हॉर्मोंस की दवाएं।
जो लोग एक्सरसाइज कम करते हैं और जिनके परिवार में कॉलेस्ट्रॉल की हिस्ट्री रही हो , उन्हें भी यह समस्या हो सकती है।
लक्षण
*चलने पर सांस फूलने लगती है।
*बीपी हाई रहने लगता है।
*ऐसे लोगों का खून गाढ़ा होता है और उन्हें अक्सर शुगर और दिल की बीमारियां हो जाती हैं।
हो सकते हैं ये रोग
*हार्ट अटैक , लकवा , नपुंसकता और चलने पर पैरों में दर्द।
बचाव के तरीके
दवाएं
*ऐलोपैथी
ऐलोपैथिक दवाओं में कॉलेस्ट्रॉल का परमानेंट इलाज नहीं है। जिनके परिवार में कॉलेस्ट्रॉल की हिस्ट्री है , ऐसे लोग दवाइयों से इसे सिर्फ नियंत्रण में रख सकते हैं , ठीक नहीं कर सकते। जिन लोगों का कॉलेस्ट्रॉल खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से बढ़ा है , उनमें कॉलेस्ट्रॉल की समस्या लाइफस्टाइल में सुधार करने से ठीक हो जाती है।
होम्योपैथी
होम्योपैथी की भाषा में हाई कॉलेस्ट्रॉल को हाइपरलीपिडिमिया कहते हैं। खानपान व जीवनचर्या को ठीक करने के साथ - साथ इस पर नियंत्रण के लिए ये दवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं : -
आयुर्वेद
आयुर्वेदिक दवाओं में आरोग्यवर्द्धिनी वटी , पुनर्नवा मंडूर , त्रिफला , चन्द्रप्रभा वटी और अर्जुन की छाल के चूर्ण का काढ़ा। कुछ आयुर्वेदिक दवा कंपनियां इस चूर्ण को अर्जुन टी के नाम से बेच भी रही हैं।
देसी तरीके
आधा चम्मच अलसी के बीज या फ्लैक्स सीड्स पीसकर पानी से खाली पेट लें। यह ट्राइग्लिसराइड कॉलेस्ट्रॉल वालों के लिए खासतौर से फायदेमंद है। इन बीजों को रोटी या सब्जी में डालकर भी खा सकते हैं और आटे में भी पिसवा सकते हैं। शुगर और हाई बीपी के रोगी भी ले सकते हैं।
पांच ग्राम अर्जुन छाल का पाउडर 400 मिलीग्राम पानी में उबालें। एक चौथाई रह जाने पर उतार लें। इसे खाली पेट गुनगुना कर पिएं।
मेदोहर वटी व त्रिफला गुगलु वटी की दो - दो गोलियां दिन में दो बार खाने से पहले गुनगुने पानी से लें।
25 से 50 ग्राम लौकी का जूस निकालें। इसमें तुलसी और पुदीने की सात - सात पत्तियां मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं।
एक चौथाई चम्मच त्रिकटु के चूर्ण ( सौंठ , मरीच व पीपल का चूर्ण ) में एक छोटी चम्मच दालचीनी मिलाकर एक कप पानी में 10 मिनट के लिए भिगो दें। स्वाद के लिए शहद मिला सकते हैं। इसे पीने से कफ दूर होता है और कॉलेस्ट्रॉल नियंत्रित होता है।
एक कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह लें। इसमें कुछ बूंदें नीबू के रस की भी डाल सकते हैं।
आधे चम्मच नीबू के रस में आधा चम्मच कुतरा हुआ अदरक और एक कली लहसुन की मिलाकर हर खाने से पहले लें।
रात को सोते वक्त एक गिलास दूध में इसबगोल की भूसी डालकर लें।
2 से 5 ग्राम सूरजमुखी के बीज पानी से लें।
श्यामा तुलसी के 15-20 पत्तों का रस ( रस निकालने के लिए इसमें कुछ बूंद पानी डालें ) सुबह खाली पेट लें। याद रहे तुलसी के पत्तों को चबाना नहीं है , क्योंकि इससे दांत खराब हो जाते हैं।
मेथी के बीज ( जिन्हें मेथरे भी कहा जाता है ) अंकुरित करके 5 ग्राम रोजाना सुबह नाश्ते के समय लें।
नीम के 10 पत्तों को एक कप पानी में भिगो दें। इन्हें मिक्सी में पीसकर करके छान लें और रोजाना किसी भी समय पिएं। खून साफ करने का यह सबसे अच्छा तरीका है। इसमें मीठा मिलाने की बजाय कड़वा ही पिएं।
सुबह खाली पेट एक छोटा चम्मच ऑलिव ऑयल या जैतून का तेल पिएं। चाहें तो चार - पांच बूंदों से भी काम चला सकते हैं।
दिल की आर्टरीज जितनी लचीली रहेंगी , उनमें रुकावट या ब्लॉकेज उतना कम रहेगा। इसके लिए आंवला रसायन ( यह रस से अलग होता है ) का आधा छोटा चम्मच सुबह - शाम पानी से लेने से तीन महीने के अंदर पूरे शरीर की आर्टरीज लचीली हो जाती हैं और कॉलेस्ट्रॉल नियंत्रण में आ जाता है।
पेट के लीवर वाले हिस्से पर मिट्टी की गीली पट्टी लगाने से खून साफ हो जाता है और कॉलेस्ट्रॉल कम होता है। इसके लिए दो मुट्ठी कंकड़ रहित साफ मिट्टी का पेस्ट बना लें। पेट पर 15 मिनट रोजाना लेप करें। ऐसा दो महीने तक करें। बढ़ा कॉलेस्ट्रॉल ठीक हो जाएगा। - कश्मीरी फल बही का मुरब्बा खाएं। फल को ऐसे भी खा सकते हैं। जिन्हें कॉलेस्ट्रॉल के साथ शुगर की भी समस्या है , वे अपने डॉक्टर से पूछकर ही इसे लें। यह हर पंसारी के यहां मिलता है।
योग के मुताबिक अगर कॉलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में लाना है , तो पाचन क्रिया को सुधारना बेहद जरूरी है। अगर पाचन बढ़िया होगा तो बढ़े हुए कॉलेस्ट्रॉल का यूज पाचन क्रिया में हो जाएगा।
लघु शंख प्रक्षालन षट्कर्म करना चाहिए। यह शरीर को साफ करने की प्रक्रिया है , जिसे किसी एक्सपर्ट से सीखकर ही किया जाना चाहिए।
आसनों में सुप्तवज्रासन , पश्चिमोत्तानासन , अर्द्धमत्स्येंद्रासन , मेरुदंडासन और अर्द्धपद्मपद्मोत्तासन अगर 15 दिन तक कर लिए जाएं , तो कॉलेस्ट्रॉल आसानी से नियंत्रण में आ जाता है।
वरिष्ठ नागरिक ध्यान रखें और जान बचाएँ
- अनजान लोगों पर कतई भरोसा न करें। यदि कोई अनजान शख्स कुरियर देने, केबल ठीक करने या किसी अन्य काम से घर आता है, तो पहले उसकी पहचान पुख्ता कर लें, तभी दरवाजा खोलें।
- घर में काम करने वाले नौकर, ड्राइवर, खाना बनाने वाले या किराये पर रहने वाले लोगों का तुरंत पुलिस वेरिफिकेशन करवाएं।
कोशिश करें कि घर में ज्यादा कैश व जूलरी न रखें।
- अगर घर में किसी इलेक्ट्रिशन, प्लंबर, बढ़ई, राजमिस्त्री आदि से कोई काम करवा रहे हैं, तो उस दौरान किसी परिचित को या पुलिस को मदद के लिए बुला लें, ताकि कोई आपके अकेलेपन का गलत फायदा न उठाने पाए।
- पुलिस की सीनियर सिटिजन सेल में रजिस्ट्रेशन करवाएं।
- इलाके के बीट कॉन्स्टेबल के संपर्क में रहें और उसका व उसके वरिष्ठ अधिकारियों का नंबर अपने साथ रखें।
- बुजुर्गों के कल्याण लिए काम करने वाली गैर सरकारी संस्थाओं से भी मदद ले सकते हैं।
- आपात स्थिति में हेल्पलाइन या 100 नंबर पर कॉल करें।
दसवीं के पेपर देकर खाली न बैठें : मुफ्त ट्रेनिंग लें
दसवीं की परीक्षा के बाद शिक्षा निदेशालय दस वोकेशनल कोर्स की सौगात लेकर आ रहा है , वह भी मुफ्त में। शिक्षा निदेशालय ने दसवीं के छात्रों के लिए परीक्षा के बाद और रिजल्ट आने के बीच के समय का बेहतर इस्तेमाल कराने की पूरी तैयारी कर ली है। दसवीं की परीक्षा देने के बाद छात्र चाहें इंफॉरमेशन एंड कम्युनिकेशन तकनीक का कोर्स कर सकते हैं या फिर ब्यूटी कल्चर एंड हेयर ड्रेसिंग का। इसके अलावा ऑटोमोटिव रिपेयर एंड ड्राइविंग, गारमेंट मेकिंग, ट्रेवल एंड टूरिज्म सहित इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रिॉनिक्स कोर्स को भी शामिल किए गए हैं।
शिक्षा निदेशालय ने पिछले साल बारहवीं की परीक्षा दे चुके छात्रों को व्यावसायिक कोर्स कराया था। लेकिन इस बार निदेशालय ने दसवीं की परीक्षा दे चुके छात्रों को भी छुट्टियों के दौरान व्यावसायिक कोर्स कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम में सरकारी स्कूल में पढ़ रहे दसवीं के सभी छात्रों को परीक्षा के बाद वोकेशनल कोर्स मुफ्त में प्रदान किए जाएंगे।
पिछले साल 12वीं के 4429 छात्रों ने लगभग छह कोर्सो के लिए दाखिला लिया था। 4123 छात्रों ने सफलता के साथ कोर्स पूरा किया और इन्हें केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने प्रमाण पत्र दिया। दसवीं के बाद कोर्स के लिए सभी सरकारी स्कूलों को सरकुलर भेज दिया गया है। स्कूलों को आठ जनवरी से पहले सभी छात्रों के नाम व चुने गए कोर्स बताने को कहा गया है। छात्र को दो महीने में लगभग 150 से 250 घटे की व्यासायिक शिक्षा प्रदान की जाएगी। दसवीं के छात्रों को इंफोरमेशन एंड कम्यूनिकेशन टेकनेलजी, ब्यूटी कलचर एंड हेयर ड्रेससिंग, ऑटोमोटिव रिपेयर एंड ड्राइविंग, गार्मेट मेकिंग, ट्रेवल एंड टूरिज्म, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इडियन स्वीट्स स्नैक्स एंड फूड, रेफ्रिजरेशन एंड एयरकंडिंशन और रिटेल के कोर्स उपलब्ध होंगे।
ਦੁਖੁ ਦਾਰੂ ਸੁਖੁ ਰੋਗੁ ਭਇਆ

ਅਰਥ: ਦੁੱਖ ਦਵਾਈ ਅਤੇ ਸੁਖ ਬੀਮਾਰੀ ਹੈ। ਜਦੋਂ ਖੁਸ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਲਈ ਚਾਹ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ। ਤੂੰ ਕਰਨਹਾਰ ਹੈ, ਮੈਂ ਕੁੱਝ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦਾ। ਜੇਕਰ ਮੈਂ ਕੁੱਝ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਵੀ ਕਰਦਾ ਹਾਂ ਤਾਂ ਵੀ ਕੁੱਝ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦਾ। ਕੁਰਬਾਨ ਹਾਂ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਉਤੋਂ। ਤੂੰ ਆਪਣੀ ਰਚਨਾ ਅੰਦਰ ਵਸਦਾ ਹੈ। ਤੇਰਾ ਅੰਤ ਜਾਣਿਆਂ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦਾ। ਠਹਿਰਾਓ। ਜੀਵਾਂ ਅੰਦਰ ਤੇਰੀ ਰੌਸ਼ਨੀ ਹੈ ਅਤੇ ਤੇਰੀ ਰੌਸ਼ਨੀ ਵਿੱਚ ਜੀਵ ਹਨ। ਹੇ ਸਮਰਥ ਸੁਆਮੀ ਤੂੰ ਸਾਰਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਰੀ-ਪੂਰਨ ਹੈ। ਤੂੰ ਸੱਚਾ ਸੁਆਮੀ ਹੈ। ਸੁੰਦਰ ਹੈ ਤੇਰੀ ਕੀਰਤੀ। ਜੋ ਇਸ ਨੂੰ ਗਾਉਂਦਾ ਹੈ ਉਸ ਦਾ ਪਾਰ ਉਤਾਰਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਨਾਨਕ ਸਿਰਜਣਹਾਰ ਦੀਆਂ ਬਾਤਾਂ ਨੂੰ ਬਿਆਨ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜਿਹੜਾ ਕੁੱਝ ਹਰੀ ਨੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਉਹ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ।
Wednesday, January 6, 2010
स्कूलों में नहीं बनेंगे नौवीं के पेपर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में इस साल से बड़े बदलाव शुरू हो गये हैं। जहां दसवीं क्लास की परीक्षाएं अगले वर्ष से वैकल्पिक हो जायेंगी। वहीं नौवीं कक्षा में भी बड़े परिवर्तन के संकेत हैं। नौवीं की परीक्षा में नई बात यह होगी कि इस साल वार्षिक परीक्षा के सभी पेपर बोर्ड स्वयं बनाएगा। यानी अब विद्यालय केवल मूल्यांकन करेंगे पेपर बनाने की जिम्मेदारी बोर्ड के बनाये हुए पैनल पर होगी। गत दिनों दिल्ली में आयोजित के प्रधानाचार्यो की बैठक में इस रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। ।
शिक्षा की गुणवत्ता के लिये चोला बदलते सीबीएसई ने नौंवी की परीक्षा में प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है। ऐसा विद्यालयों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रमों के परीक्षण के साथ परीक्षा में गुणवत्ता लाने के लिये किया जा रहा है। कार्यशाला में प्रतिभाग करने गईं महर्षि पतंजलि विद्यामंदिर की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो के अनुसार नौवीं की परीक्षा आब सेमीबोर्ड होगी। बोर्ड की इस पहल से स्कूलों में समग्र पाठ्यक्रम के अध्यापन की समीक्षा की जा सकेगी। इसके साथ विद्यालय के अध्यापकों से ट्यूशन पढ़ने वाले बच्चों को प्रश्नपत्र का प्रारूप भी नहीं पता चल पायेगा। इस पहल से कालेजों में पढ़ाए गये सेलेबस की जानकारी मिल पाएगी। उन्होंने बताया कि सेलेबस की जानकारी सत्र के शुरूआत में ही एनसीईआरटी की वेबसाइट पर एवं कोर्स कैरिकुलम के साथ उपलब्ध करा दी जायेगी। इसके अतिरिक्त छात्रों के अंक स्कूली गतिविधियों पर भी निर्भर करेंगे। परिणाम के लिये सतत विस्तृत मूल्यांकन (सीसीई) को भी आधार बनाया जायेगा। विद्यालय ही स्टूडेंट का परीक्षण करेंगे। शिक्षणेत्तर क्रियाकलापों जैसे खेलकूद, स्काउट-गाइड, योग, बागबानी, स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा के पांच प्वाइंट भी ग्रेड में समाहित किये जायेंगे। होम असाइनमेंट के लिए बोर्ड की तर्ज पर स्कूल ही प्रश्नबैंक तैयार करेगा जबकि इंटरनल असेसमेंट कक्षा कार्यो के आधार पर किया जायेगा। गृहकार्य, मौखिक प्रश्न, क्विज, प्रोजेक्ट, एसाइनमेंट सहित आवश्यक सृजनात्मक गतिविधियों के आधार पर अंकों का निर्धारण किया जा सकता है। समग्र परीक्षा में छात्रों के अंक दो भागों में विभक्त होंगे। स्टूडेंट की परफार्रमेंस और टर्म को ध्यान देते हुए उन्हें प्वाइंट दिया जायेगा।
दुबई की शान : बुर्ज खलीफा
सुनने वाले लोग चौंके आखिर ऐसा क्या हुआ, जो आखिरी समय पर ऐसा किया गया। जानकारों का कहना है कि असल में दुबई को पिछले दिनों आए आर्थिक संकट की कीमत चुकानी पड़ी है। शेख खलीफा ने ही दुबई को आर्थिक संकट से उबारने में मदद की थी।
उल्लेखनीय है कि पिछले 12 महीनों में दुबई में अचल संपत्तिके दामों में जमकर गिरावट आई। हाल ही में रियल स्टेट के कीमतें 50 फीसदी तक नीचे गिर गईं थीं। ऐसे में, दुबई को इस संकट से बाहर निकालने के लिए पड़ोसी, अबु धाबी ने 25 अरब डालर [करीब 1 खरब रुपये] की सहायता दी थी। इसके पीछे राष्ट्रपति शेख खलीफा की पहल को ही मुख्य माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि शेख खलीफा का परिवार अमीरात का मुख्य राजसी परिवार है और राजधानी अबू धाबी में रहता है। अबू धाबी संयुक्त अरब अमीरात, दुबई के बाद दूसरा सबसे बड़ा शहर है।
असल में, दुबई की आर्थिक संपन्नता का इस क्षेत्र में प्रभाव है कि इसे कई बार 'दुबई इस्टेट' कह कर, बाकी अमिरात से अलग भी संबोधित किया जाता है। ऐसे में 'बुर्ज दुबई' दुबई को दुनिया में अमीरात से एक लगभग स्वतंत्र पहचान दिला सकता था। परंतु बीते हफ्तों से इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि अबु धाबी किस हद तक बढ़ कर दुबई को आर्थिक संकट से उबारने में मदद करेगा। तभी दुनिया की सबसे बड़ी इमारत [828 मीटर] के उद्घाटन समारोह के चंद मिनट पहले ही दुबई के शासक शेख मुहम्मद बिन राशिद अल-मखतूम ने बुर्ज दुबई को शेख खलीफा को समर्पित कर दिया। हालांकि शेख खलीफा उद्घाटन समारोह में मौजूद नहीं थे।
Sunday, January 3, 2010
मोहयाल सभा पानीपत जनवरी माह की बैठक
पवन बक्शी जी पिछले कई वर्षो से राजा-महाराजाओं के वंश तथा इतिहास पर विस्तृत शोध के बाद किताबें लिख रहे हैं। निकट भविष्य में उनका इरादा मोहयालों पर भी किताब लिखने का हैं । उनका मानना है कि अभी तक इस क्षेत्र में ज्यादा कार्य नहीं हो पाया है . इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने डॉ० अशोक लव जी को एक श्रेष्ठ कवि और शिक्षाविद के साथ-साथ नेक इन्सान भी बताया. उन्होंने कहा कि समय-समय पर मेरी डा. लव से अनेक विषयों पर मेरी चर्चा होती रहती है .
पानीपत सभा ने एक प्रस्ताव पारित करके अशोक लव जी की माता जी श्रीमती कृष्णा लव जी के निधन पर शोक प्रकट किया तथा उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया.
इस अवसर पर सर्व श्री ऋत मोहन, भूपिंदर दत्ता , बृजमोहन छिब्बर , जीतेन्द्र मेहता, गड्डू बाली, नरिंदर छिब्बर के इलावा बड़ी संख्या में मोहयाल भाई बहन उपस्थित थे।
नरिंदर छिब्बर
पानीपत








