Monday, September 13, 2010

GMS:New Managing Committee Members














अशोक लव जी एम एस के नए सेक्रेट्री , बधाई / सुभाष दत्ता

श्री अशोक लव की ' जनरल मोहयाल सभा ' के सेक्रेटरी के पद पर नियुक्ति हुई है जी एम एस के सेक्रेटरीएट में सितंबर 2010 को नए पदाधिकारियों ने पदभार संभाला हमारी हार्दिक शुभकामनाएँ। वे लगभग 25 वर्षों से जी एम एस के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वे जुलाई 1987 से ' मोहयाल मित्र ' के हिंदी संपादक हैं। जी एमएस के समस्त आयोजनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। इन कार्यक्रमों का संचालन उन्होंने किया है
' प्रतिभाशाली मोहयाल विद्यार्थी सम्मान ' आरंभ करके उन्होंने किशोर और युवा मोहयाल विद्यार्थियों को पुरस्कृत करके उनमें मोहयाली भावना जाग्रत करने में अहम भूमिका निभाई है इससे पूर्व वे जी एम एस के ' यूथ एंड कल्चर सेक्रेट्री रह चुके हैं।आज के अनेक युवा मोहयालों को मुख्य धारा में लाने का श्रेय उन्हें जाता है।
मोहयाल रत्न रायजादा बी डी बाली जी ने श्री अशोक लव का चयन करके प्रशंसनीय कार्य किया है।
'
जय मोहयाल ' परिवार की ओर से श्री बी डी बाली जी का धन्यवाद और श्री अशोक लव जी को बधाई!

[फोटो: प्रेजिडेंट का पद ग्रहण करने के पश्चात् रायजादा बी डी बाली मतदाताओं और पूरी मोहयाल बिरादरी का धन्यवाद करते हुएउनकी बाईं ओर श्री पी मोहन ( सीनियर वाईस प्रेसिडेंट),श्री जी एल दत्ता जोश ( वाईस प्रेसिडेंट), श्री अशोक लव (सेक्रेटरी), श्री एस के छिब्बर ( फायनेंस सेक्रेटरी) ,श्री योगेश मेहता (सेक्रेटरी-यूथ एंड कल्चर ),दाईं ओर श्री डी वी मोहन ( सेक्रेट्री जनरल ) ]

Sunday, September 12, 2010

GMS : New Office Bearers जी एम एस : नए पदाधिकारी

New managing committee of General Mohyal Sabha has taken charge on 12th September 2010. Election officer Maj Gen KK Bakshi alongwith Shri BM Datta and Shri PL Mehta elected new office-bearers.
Photo (FROM LEFT):Smt Sunita Mehta , Shri Ashok Lav, Shri GL Datta Josh, Rzd BD Bali, Bakshi SK ChhibberIAS, Shri OP Mohan,Shri BL Chhibber.(standing)-Shri Ashwani Bakshi, Shri Yogesh Mehta,Shri Pushp Bali,Shri SK Chibber, Shri KG Mohan,Shri DV Mohan and Shri Vinod Mehta
1.President -Rzd BD Bali
2.Sr Vice President- Shri OP Mohan 3.Vice President- Shri GL Datta 'Josh' 4.VicePresident- Shri BL Chhibber 5.Secy Gen- Shri DV Mohan 6.Secretary- Shri Ashok Lav
7.Finance Secy-Shri Sushil Kr Chhibber 8.Joint Finance Secy-Shri KG Mohan 9.Secy Public Relation-Shri Pushp Bali 10.Secy Youth & Culture- Shri Yogesh Mehta 11.Joint Secy Youth & Culture-Shri Ashwani Bakshi 12.Secy Istri Wing-Smt Sunita Mehta
President Rzd BD Bali took over charge and announced following office bearers-
1.Chief Editor- Shri OP Mohan 2.Editor English -Shri DV Mohan 3.Editor Hindi-Shri Ashok Lav
4.Joint Editor English-Shri KG Mohan 5.Joint Secy Public Relation- Shri Vinod Mehta 6.Secy Matrimonial-Smt Krishan Lata Chhibber

Tuesday, September 7, 2010

Complete Result :GMS Election-2010

See in details at GMS official web site
http://www.mohyalonline.com/index.php/gms-election-2010

जी एम एस चुनाव परिणाम : विजयी उम्मीदवार और प्राप्त वोट/ सुभाष दत्ता

चुनाव अधिकारी : श्री पी एल मेहता, मेजर जनरल के के बख्शी, श्री बी एम दत्ता
' जनरल मोहयाल सभा ' के वर्ष 2010 के चुनाव संपन्न हुए। कुल 75 उम्मीदवार थे ( पुरुष -66 और महिलाएँ-9)
मतदान की अंतिम तिथि 3 सितंबर थी। मतगणना 5 सितम्बर को हुई। चुनाव परिणाम दिन-रात चला. 6 सितंबरको प्रातः सवा एक बजे परिणाम घोषित हुआ। कुल मतदाता -1685, कुल वोट पड़े -1321
विजयी उम्मीदवार और प्राप्त वोट सूची -

1. VOTE-1177- MR VINOD DUTT (KHANNA)
2.VOTE-1144-MR RAMESH DATTA (FARIDABAD)
3.VOTE-1116-RZD BD BALI (NEW DELHI)
4.VOTE-1015-DR ASHOK LAV (NEW DELHI)
5.VOTE-1013-MR ASHWANI BALI (NEW DELHI)
6.VOTE-1010-MR PUSHP BALI (JALANDHAR)
7.VOTE-1004-MR GL DATTA 'JOSH'(NEW DELHI)
8.VOTE-999-MR BL CHIBBER,IRS (NEW DELHI)
9.VOTE-998-COL SK VAID (MEERUT)
10.VOTE-997-MR YOGESH MEHTA (NEW DELHI)
11.VOTE-996-MR PK DATTA (GURGAON)
12.VOTE-991-MR ASHWANI BAKHSHI(AMBALA CITY)
13.VOTE-998-RIT MOHAN (PANIPAT)
14.VOTE-986-DR RATTAN KUMAR DATTA(NEW DELHI)
15.VOTE-981-MR VARINDER PAL SINGH BALI(BARARA)
16.VOTE-980-MR DILIP SINGH DATTA (DELHI)
17.VOTE-974-MR KN MOHAN (NEW DELHI)
18.VOTE-971-MUNISH BALI (LUDHIANA)
19.VOTE-969-MR OP MOHAN(FARIDABAD)
20.VOTE-969-MR ASHOK CHHIBBER (NEW DELHI)
21.VOTE-969-MR JC BALI (NEW DELHI)
22.VOTE-965-MR NL BAKSHI,IAS (JAMMU)
23.VOTE-965-MR PANKAJ BALI (AMBALA CITY)
24.VOTE-962-MR VINOD MEHTA(YAMUNA NAGAR)
25.VOTE-960 -MR ANIL DATTA (AMRITSAR)
26.VOTE-960-MR SUNIL DUTT (NEW DELHI)
27.VOTE-958-MR PAWAN BALI (JALANDHAR)
28.VOTE-954-MR KAMRAN DATTA (AGRA)
29.VOTE-952-MR OP MOHAN(NEW DELHI)
30.VOTE-939-MR VIJANT BALI (HOSHYARPUR)
31.-VOTE-924-MR KG MOHAN(NEW DELHI)
32.VOTE-923-MR VIPIN KUMAR MOHAN(YAMUNA NAGAR0
33.VOTE-922-MR HARSH DATTA(NEW DELHI)
34.VOTE-915-MR DV MOHAN(NEW DELHI)
35.VOTE-893-MR SUSHIL KUMAR CHHIBBER(NEW DELHI)
*****************
LADIES
1.VOTE-(1038)-MRS AMBA BALI(NEW DELHI)
2.VOTE-(1010)-(MRS SUNITA MEHTA (NEW DELHI)
3.VOTE-(1010)-MRS VEENA CHHIBBER (AMBALA)
4.VOTE-(969)-MRS VANDANA VAID (KURUKSHETRA)
5.VOTE-(910)-MRS KRISHNA LATA CHHIBBER (NEW DELHI)
विजयी उम्मीदवारों ने मोहयाल समाज का विश्वास अभूतपूर्व ढंग से पाया है।
आशा है विजयी उम्मीदवार पूरे मोहयाल को समाज को अपने साथ लेकर चलेंगे। वे निर्धन और ज़रूरतमंद मोहयालों के लिए नई-नई योजनाएँ लागू करेंगे।

Monday, September 6, 2010

GMS Elections : Counting 5th Sept photographs

Major Gen KK Bakshi (ElectionOfficer ) declaring results.Mr PL Mehta and Mr BM Dutta ( Members) are sitting with him.

Mr Anil Dutta,Mr Rit Mohan and Mr Vipin Mohan .....waiting for good news

Mr Hari Om Mehta dicussing with Election Officer. Countig is going on.

Courtesy Photos :Mr Anil Dutta


Counting is going on ..waiting for results Dr Ashok Lav , Shri GL Mehta and Shri Vinod Mehta


Shri Munish Mehta and Shri KN Mohan
Busy with counting Shri Navdeep Dutta and Shri Shiv Rajan
Shri Vijant Bali , Shri Pushp Bali,Shri Navdeep Dutta and Shri Pankaj Bali.
Smt Sunita Mehta , Shri OP Mohan , Shri JC Bali,Shri Anil Bali and Shri GL Dutta Josh
Shri Surinder Bakshi and team
Shri Rit Mohan and Shri Vinod Bali with team
Shri Yogesh Mehta
Shri Dilip Singh Dutta and Election Officer Shri Pl Mehta
Shri Dhruv Dutta and team busy with counting
COUNTING IS GOING ON ....... and fate of the candidates is locked in box!
courtesy photos:Mr Yogesh Mehta

Saturday, September 4, 2010

शिक्षक-दिवस ( पाँच सितंबर ) पर शुभकामनाएँ


मनुष्य को मनुष्य बनाने में सबसे बड़ा योगदान करने वाले शिक्षकों को हमारी शुभकामनाएँसमर्पित भाव से अपने कर्तव्य का पालन करते हुए समाज को नई संस्कारवान पीढ़ियाँ देने वाले शिक्षक ही सच्चे अर्थों में गुरु हैं
-अशोक लव

नव ग्रह यन्त्र और मंत्र / मेहता रमन



पूजा-स्थल पर मंत्र और यन्त्र लगाकर नव ग्रहों की प्रतिदिन पूजा करेंमन्त्रों का जाप करेंतुरंत प्रभाव होगा

Friday, September 3, 2010

New iPhone app could replace stethoscope

London, Aug 31 (ANI): The standard equipment found with doctors, stethoscope, may soon be history as millions of doctors across the world are signing up for a free iphone app that can monitor heartbeat.

Peter Bentley of the University College London has invented the iStethoscope application, which monitors heartbeat through sensors in the phone.

As many as 500 apps are being downloaded everyday since a free version was introduced last week. Everybody is very excited about the potential of the adoption of mobile phone technology into the medical workplace, and rightly so," the Telegraph quoted Bentley as saying.

"Smartphones are incredibly powerful devices packed full of sensors, cameras, high-quality microphones with amazing displays," he added. (ANI)

Facebook's new security feature: remote logouts

Facebook's new security feature: remote logouts

Associated PressFri, Sep 3 12:08 PM

Facebook is rolling out a new security feature that lets users log out of their accounts remotely from another computer.

To do this, go to "account settings" on your Facebook page and click on "change" next to "account security." There, you'll see where else your Facebook account is logged in, including the type of device and the city it's in or near. To log out of any of them, click "end activity."

Facebook is making this available over the next couple of weeks. It will be accessible on computers, but not mobile devices.

The feature is similar to what Google Inc.'s Gmail offers to its users, and Facebook says it's designed to help users keep their logins secure.

Thursday, September 2, 2010

हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की

माँ यशोदा मैंने माखन नहीं खाया


मैया! मैं नहिं माखन खायो।

ख्याल परै ये सखा सबै मिलि मेरैं मुख लपटायो॥

देखि तुही छींके पर भाजन ऊंचे धरि लटकायो।

हौं जु कहत नान्हें कर अपने मैं कैसें करि पायो॥

मुख दधि पोंछि बुद्धि इक कीन्हीं दोना पीठि दुरायो।

डारि सांटि मुसुकाइ जशोदा स्यामहिं कंठ लगायो॥

बाल बिनोद मोद मन मोह्यो भक्ति प्राप दिखायो।

सूरदास जसुमति को यह सुख सिव बिरंचि नहिं पायो॥

राग रामकली में बद्ध यह सूरदास का अत्यंत प्रचलित पद है। श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं में माखन चोरी की लीला सुप्रसिद्ध है। वैसे तो कन्हैया ग्वालिनों के घरों में जा-जाकर माखन चुराकर खाया करते थे। लेकिन आज उन्होंने अपने ही घर में माखन चोरी की और यशोदा ने उन्हें देख भी लिया। इस पद में सूरदास ने श्रीकृष्ण के वाक्चातुर्य का जिस प्रकार वर्णन किया है वैसा अन्यत्र नहीं मिलता।

जब यशोदा ने देख लिया कि कान्हा ने माखन खाया है तो पूछा -- क्यों रे कान्हा! तूने माखन खाया है क्या? तब कन्हैया बोले-- मैया! मैंने माखन नहीं खाया है। मुझे तो ऐसा लगता है कि इन ग्वाल-बालों ने ही बल पूर्वक मेरे मुख पर माखन लगा दिया है। फिर बोले मैया तू ही सोच, तूने यह छींका किना ऊंचा लटका रखा है और मेरे हाथ कितने छोटे-छोटे हैं। इन छोटे हाथों से मैं कैसे छींके को उतार सकता हूँ। कन्हैया ने मुख से लिपटा माखन पोंछा और एक दोना जिसमें माखन बचा रह गया था उसे पीछे छिपा लिया। कन्हैया की इस चतुराई को देखकर यशोदा मन ही मन मुस्कराने लगीं और छडी फेंककर कन्हैया को गले से लगा लिया। सूरदास कहते हैं कि यशोदा को जिस सुख की प्राप्ति हुई वह सुख शिव ब्रह्मा को भी दुर्लभ है।

यशोदा कृष्ण को सुलाती हैं --सूरदास

जसोदा हरि पालनैं झुलावै।

हलरावै दुलरावै मल्हावै जोइ सोइ कछु गावै॥

मेरे लाल को आउ निंदरिया काहें न आनि सुवावै।

तू काहै नहिं बेगहिं आवै तोकौं कान्ह बुलावै॥

कबहुं पलक हरि मूंदि लेत हैं कबहुं अधर फरकावैं।

सोवत जानि मौन ह्वै कै रहि करि करि सैन बतावै॥

इहि अंतर अकुलाइ उठे हरि जसुमति मधुरैं गावै।

जो सुख सूर अमर मुनि दुरलभ सो नंद भामिनि पावै॥

राग घनाक्षरी में बद्ध इस पद में सूरदास जी ने भगवान् बालकृष्ण की शयनावस्था का सुंदर चित्रण किया है। वह कहते हैं कि मैया यशोदा श्रीकृष्ण को पालने में झुला रही हैं। कभी तो वह पालने को हल्का-सा हिला देती हैं, कभी कन्हैया को प्यार करने लगती हैं और कभी मुख चूमने लगती हैं। ऐसा करते हुए वह जो मन में आता है वही गुनगुनाने भी लगती हैं। लेकिन कन्हैया को तब भी नींद नहीं आती है। इसीलिए यशोदा नींद को उलाहना देती हैं कि अरी निंदिया तू आकर मेरे लाल को सुलाती क्यों नहीं? तू शीघ्रता से क्यों नहीं आती? देख, तुझे कान्हा बुलाता है। जब यशोदा निंदिया को उलाहना देती हैं तब श्रीकृष्ण कभी तो पलकें मूंद लेते हैं और कभी होंठों को फडकाते हैं। (यह सामान्य-सी बात है कि जब बालक उनींदा होता है तब उसके मुखमंडल का भाव प्राय: ऐसा ही होता है जैसा कन्हैया के मुखमंडल पर सोते समय जाग्रत हुआ।) जब कन्हैया ने नयन मूंदे तब यशोदा ने समझा कि अब तो कान्हा सो ही गया है। तभी कुछ गोपियां वहां आई। गोपियों को देखकर यशोदा उन्हें संकेत से शांत रहने को कहती हैं। इसी अंतराल में श्रीकृष्ण पुन: कुनमुनाकर जाग गए। तब यशोदा उन्हें सुलाने के उद्देश्य से पुन: मधुर-मधुर लोरियां गाने लगीं। अंत में सूरदास नंद पत्‍‌नी यशोदा के भाग्य की सराहना करते हुए कहते हैं कि सचमुच ही यशोदा बडभागिनी हैं। क्योंकि ऐसा सुख तो देवताओं व ऋषि-मुनियों को भी दुर्लभ है।

Wednesday, September 1, 2010

Rare coin of Hanuman jee





Rare coins of Ram-Sita-Hanuman









* 1818,East India Company's coin of half anna.

जाके प्रिय न राम -बैदेही --तुलसीदास

जाके प्रिय राम-बैदेही।

तजिये ताहि कोटि बैरी सम, जद्यपि परम सनेही॥

तज्यो पिता प्रहलाद, बिभीषण बंधु, भरत महतारी।

बलि गुरु तज्यो कंत ब्रज-बनितन्हि, भये मुद-मंगलकारी॥

नाते नेह राम के मनियत सुहृद सुसेब्य जहाँ लौं।

अंजन कहा आँखि जेहि फूटै, बहुतक कहौं कहाँ लौं॥

तुलसी सो सब भाँति परम हित पूज्य प्रानते प्यारो।

जासो होय सनेह राम-पद, एतो मतो हमारो॥

जाऊँ कहाँ तजि चरन तिहारे--तुलसीदास


जाऊँ कहाँ तजि चरन तिहारे ।

काको नाम पतित-पावन जग, केहि अति दीन पियारे॥

कौने देव बराइ बिरद-हित, हठि हठि अधम अधारे।

खग, मृग, ब्याध, पषान, बिटप जड, जवन कवन सुर तारे॥

देव, दनुज, मुनि, नाग, मनुज सब, माया-बिबस विचारे।

तिनके हाथ दास तुलसी प्रभु, कहा अपनपौ हारे॥

-- विनय पत्रिका से



भले और बुरे व्यक्ति - चाणक्य-कथन

अयुक्तं स्वामिनो युक्तं युक्तं नीचस्य दूषणम
अमृतं राहवे मृत्यु विषं शंकर आभूषण । । २८२। ।
--भले व्यक्ति के लिए अयोग्य वस्तु भी आभूषण बन जाती है। दुष्ट व्यक्ति के लिए योग्य वस्तु भी दूषित हो जाती है। अमृत ने देवताओं को अजर-अमर कर दिया। वही अमृत राहु के लिए घातक बन गया। भगवान शंकर के लिए विष भी आभूषण बन गया। - चाणक्य
*पुस्तक- चाणक्य नीति
संपादक-अशोक लव

श्री कृष्ण जन्म-उत्सव पर शुभकामनाएँ !

श्री कृष्ण जन्म-उत्सव पर आप सबको
हार्दिक शुभकामनाएँ
विश्व के कोने-कोने में बसे मोहयालों को
श्री
कृष्ण और राधा रानी का आशीर्वाद मिले।
।। जय - जय राधे जय - जय कृष्ण। ।
" जय मोहयाल परिवार "